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भूमिति - त्रिभुज के गुणधर्म एवं सर्वांगसमता

परिचय

त्रिभुज तीन भुजाओं वाली एक बंद आकृति है। गणित में त्रिभुजों के गुणधर्म और उनकी 'सर्वांगसमता' (Congruence) को समझना बहुत महत्वपूर्ण है, जिसका अर्थ है दो आकृतियों का हर तरह से समान होना।

 

 

 

 

त्रिभुज के कोणों का योग और सर्वांगसमता के नियमों (SSS, SAS) का सचित्र वर्णन।

संकल्पना समझ

एक त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों का योग 180 डिग्री होता है। यदि दो त्रिभुज एक-दूसरे को पूरी तरह ढक लेते हैं, तो वे सर्वांगसम कहलाते हैं। इसके लिए भुजाओं और कोणों के विशिष्ट मिलान की आवश्यकता होती है।

सर्वांगसमता के मानदंड (Criteria)

दो त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन किया जाता है:

  • SSS (भुजा-भुजा-भुजा): एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की संगत भुजाओं के बराबर हों।
  • SAS (भुजा-कोण-भुजा): दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर हो।
  • ASA (कोण-भुजा-कोण): दो कोण और उनके बीच की भुजा बराबर हो।
  • RHS (समकोण-कर्ण-भुजा): दो समकोण त्रिभुजों में कर्ण और एक भुजा बराबर हो।

उप-विषय

भूमिति - त्रिभुज के गुणधर्म एवं सर्वांगसमता

त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग हमेशा तीसरी भुजा से बड़ा होता है। सर्वांगसमता सिद्ध करने के लिए हमें कम से कम तीन मिलान करने वाले अंगों की आवश्यकता होती है।

उदाहरण

उदाहरण 1 (Real-Life)
सैंडविच के दो त्रिकोणीय टुकड़े एक ही ब्रेड से काटे गए हैं। क्या वे सर्वांगसम होंगे?
उत्तर: हाँ, क्योंकि उनका आकार और माप बिल्कुल समान है।
Tricky Example
यदि एक त्रिभुज की भुजाएँ 6 सेमी, 8 सेमी और 10 सेमी हैं, और दूसरे की 10 सेमी, 8 सेमी और 6 सेमी हैं, तो क्या वे सर्वांगसम हैं?
उत्तर: हाँ, SSS नियम के अनुसार। क्रम बदलने से सर्वांगसमता नहीं बदलती।

त्रिभुज के गुण और कठिन सिद्धान्त

त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है। साथ ही, किसी भी दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से हमेशा बड़ा होता है।

उदाहरण

Tricky Example (Real-Life)
एक बढ़ई ने दो त्रिकोणीय मेजें बनाईं। उसने दोनों मेजों की एक भुजा 4 फीट और दो कोण 40° और 60° रखे। क्या मेजें सर्वांगसम होंगी?
उत्तर: हाँ, ASA (कोण-भुजा-कोण) नियम के अनुसार। चूँकि भुजा और दो कोण समान हैं, इसलिए वे सर्वांगसम होंगे।
कठिन उदाहरण (Hard Example)
एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC में जहाँ AB = AC है, यदि हम शीर्ष A से भुजा BC पर एक मध्यिका (Median) AD खींचते हैं, तो सिद्ध करें कि त्रिभुज ABD और ACD सर्वांगसम हैं।
उत्तर: SSS नियम द्वारा। (1) AB = AC (दिया है), (2) BD = CD (चूँकि AD मध्यिका है), (3) AD = AD (उभयनिष्ठ भुजा)। अतः दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं।

ट्रिक्स और शॉर्टकट

1. 'ASA' (को-भु-को) नियम में 'भुजा' हमेशा दो 'कोणों' के बीच की होनी चाहिए।
2. 'RHS' नियम केवल काटकोण (90 डिग्री) वाले त्रिभुजों पर ही लागू होता है।
3. यदि किसी प्रश्न में भुजाओं की लंबाई नहीं दी गई है और केवल कोण दिए गए हैं, तो वहां सर्वांगसमता सिद्ध नहीं की जा सकती (AAA कोई नियम नहीं है)।
4. उभयनिष्ठ (Common) भुजा या कोण को हमेशा पहले पहचानें।

सामान्य गलतियाँ

1. छात्र अक्सर सोचते हैं कि यदि तीनों कोण बराबर हैं, तो त्रिभुज सर्वांगसम हैं। यह गलत है (वह केवल समरूप होते हैं)।
2. त्रिभुज की भुजाओं का योग 180 लिखना (कोणों का योग 180 होता है)।
3. SSA (भुजा-भुजा-कोण) को नियम मानना। यह केवल RHS की स्थिति में ही काम करता है।
4. 'संगतता' (Correspondence) पर ध्यान न देना। यदि त्रिभुज ABC ≅ XYZ है, तो भुजा BC की तुलना YZ से ही होनी चाहिए, न कि XZ से।

अभ्यास प्रश्न

आसान प्रश्न (Easy)

  1. यदि एक त्रिभुज के दो कोण 45 और 45 डिग्री हैं, तो तीसरा कोण ज्ञात कीजिए।
  2. सर्वांगसमता के 'SSS' नियम का पूरा नाम क्या है?
  3. (Real-life) क्या आप 3 सेमी, 4 सेमी और 7 सेमी की लकड़ियों से त्रिभुज बना सकते हैं? (Tricky)
  4. एक त्रिभुज के दो कोण 40° और 80° हैं, तीसरा कोण ज्ञात करें।
  5. उस नियम का नाम बताएं जिसमें दो भुजाएं और उनके बीच का कोण समान होता है।
  6. (Real-life) क्या 10 सेमी, 2 सेमी और 3 सेमी की भुजाओं वाला त्रिभुज बन सकता है?

मध्यम प्रश्न (Medium)

  1. यदि AB=PQ, कोण A = कोण P, और AC=PR है, तो सर्वांगसमता का कौन सा नियम लगेगा?
  2. (Real-life) दो समान आकार के त्रिकोणीय झंडे बनाए गए हैं। यदि उनके आधार और ऊंचाई बराबर हैं, तो क्या वे सर्वांगसम हैं?
  3. एक समबाहु (Equilateral) त्रिभुज का प्रत्येक कोण कितने डिग्री का होता है? (Tricky)
  4. एक समकोण त्रिभुज में एक कोण 35° है, दूसरा न्यूनकोण (Acute angle) ज्ञात करें।
  5. (Real-life) दो त्रिकोणीय पार्क की भुजाएं 20 मीटर, 30 मीटर और उनके बीच का कोण 70° है। क्या वे सर्वांगसम हैं?
  6. (Tricky) यदि त्रिभुज PQR ≅ त्रिभुज ABC है, तो कोण R किसके बराबर होगा?

कठिन प्रश्न (Hard)

  1. RHS नियम का उपयोग करने के लिए त्रिभुज में कौन सा कोण होना अनिवार्य है?
  2. (Real-life) एक सीढ़ी दीवार से 60 डिग्री का कोण बनाती है। यदि दूसरी सीढ़ी भी उतनी ही लंबी है और 60 डिग्री का कोण बनाती है, तो क्या वे सर्वांगसम स्थिति में हैं?
  3. यदि त्रिभुज ABC सर्वांगसम है त्रिभुज XYZ के, और कोण B = 60 है, तो कोण Y का मान क्या होगा? तर्क सहित बताएं। (Tricky)
  4. (Real-life) एक पुल के दो त्रिकोणीय ढांचे हैं। ढांचे A के कोण 90°, 45°, 45° हैं और भुजा 10 मीटर है। ढांचे B की भुजाएं 10 मीटर, 10 मीटर और उनके बीच का कोण 90° है। क्या वे सर्वांगसम हैं? नियम बताएं।
  5. सिद्ध करें कि एक समबाहु त्रिभुज (Equilateral triangle) के सभी कोण 60° के होते हैं। इसमें सर्वांगसमता का उपयोग कैसे करेंगे?
  6. (Tricky) त्रिभुज ABC में, यदि कोण A = कोण B है, तो सिद्ध करें कि भुजा AC = BC है। इस प्रमाण में आप किस सर्वांगसमता नियम का उपयोग करेंगे?

सारांश

त्रिभुज के कोणों का योग 180 होता है। सर्वांगसमता का अर्थ है 'हर अंग का समान होना'। इसके मुख्य नियम SSS, SAS, ASA और RHS हैं।
सर्वांगसमता का अर्थ है 'हर तरह से समान'। SSS, SAS, ASA और RHS इसके चार स्तंभ हैं। हमेशा याद रखें कि AAA और SSA सर्वांगसमता के नियम नहीं हैं।


किस परीक्षण से △ ABM और △ACM सर्वांगसम हैं? 

A
    
भु-को-भु
B
    
भु-भु-भु
C
    
को-भु-को 
D
    
कर्ण-भुजा
Explaination

एक समकोण त्रिभुज का परिमाप 60 सेमी है और उसकी कर्ण (hypotenuse) 26 सेमी है। उस त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।

A
    
120 cm² 
B
    
240 cm² 
C
    
390 cm²
D
    
780 cm²
Explaination
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