परिचय
दर्पण प्रतिबिंब वह दृश्य है जो किसी वस्तु को दर्पण (शीशे) के सामने रखने पर बनता है। इस प्रक्रिया में वस्तु का बायाँ भाग दाईं ओर और दायाँ भाग बाईं ओर दिखाई देता है। इसे 'पाार्श्विक परिवर्तन' कहते हैं। कक्षा 7 के विद्यार्थियों के लिए यह विषय तर्कशक्ति विकसित करने में सहायक है। इसमें केवल दिशा बदलती है, वस्तु की ऊंचाई या ऊपर-नीचे की स्थिति में कोई बदलाव नहीं होता।
संकल्पना समझ
दर्पण प्रतिबिंब को समझने के लिए दर्पण को एक अक्ष की तरह मानें। जो हिस्सा दर्पण के जितना करीब होगा, उसका प्रतिबिंब भी उतना ही करीब बनेगा।
उप-विषय
अंकों और आकृतियों का प्रतिबिंब
अंक 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 9 दर्पण में पूरी तरह बदल जाते हैं, जबकि अंक 0 और 8 एक जैसे रहते हैं।
उदाहरण
उदाहरण 1: अंक '4'
ट्रिक्स और शॉर्टकट
परीक्षा के दौरान यदि भ्रम हो, तो प्रश्न पत्र के पीछे उस आकृति को जोर से दबाकर पेंसिल से बनाएं। पन्ने को पलटकर देखने पर जो आकृति उभरेगी, वही दर्पण प्रतिबिंब होगी।
सामान्य गलतियाँ
अक्सर छात्र 'B' और '8' के प्रतिबिंब में गलती करते हैं। ध्यान दें कि 'B' का बायाँ-दायाँ बदलता है, लेकिन '8' जैसा है वैसा ही रहता है।
अभ्यास प्रश्न
आसान प्रश्न (Easy)
- अक्षर 'A' का दर्पण प्रतिबिंब क्या होगा?
- अंक '2' दर्पण में कैसा दिखाई देगा?
- इनमें से कौन सा अक्षर दर्पण में नहीं बदलता: P, Q, या T?
मध्यम प्रश्न (Medium)
- शब्द 'INDIA' का दर्पण प्रतिबिंब ज्ञात कीजिए।
- यदि एक घड़ी में 6:00 बज रहे हैं, तो दर्पण में समय क्या दिखेगा?
- एक वर्ग जिसके ऊपर एक छोटा गोला है, उसका दर्पण प्रतिबिंब कैसा होगा?
कठिन प्रश्न (Hard)
- मिश्रित शब्दों 'EXAM 2026' का दर्पण प्रतिबिंब क्या होगा?
- यदि दर्पण में समय 7:35 दिख रहा है, तो वास्तविक समय क्या है?
- एक तीर जो उत्तर-पश्चिम (North-West) की ओर इशारा कर रहा है, उसका दर्पण प्रतिबिंब किस दिशा में होगा?
सारांश
दर्पण प्रतिबिंब में केवल बाएँ और दाएँ का स्थान बदलता है। ऊपर और नीचे का हिस्सा स्थिर रहता है। अभ्यास ही इसे समझने का सबसे अच्छा तरीका है।




