भूमिति - सममिति
परिचय
ज्यामिति हमें अपने आसपास की आकृतियों को समझने में मदद करती है। सममिति का अर्थ है किसी आकृति का संतुलित होना, जहाँ उसके दो भाग एक समान दिखते हैं।
संकल्पना समझ
यदि किसी आकृति को एक रेखा द्वारा दो भागों में बांटा जाए और वे दोनों भाग एक-दूसरे को पूरी तरह ढक लें, तो वह आकृति सममित (Symmetrical) कहलाती है।

उप-विषय
भूमिति - सममिती
कागज पर बनी किसी आकृति को यदि एक निश्चित रेखा पर मोड़ने से उसके दोनों हिस्से एक-दूसरे से मिल जाते हैं, तो वह सममित है। यदि वे नहीं मिलते, तो वह असममित है।
उदाहरण
उदाहरण 1: अंकों की सममिति
अंक 8 को देखें और उसके बीच में एक रेखा खींचें।
अंक 8 के दोनों भाग एक समान हैं, इसलिए यह सममित है।
ट्रिक्स और शॉर्टकट
किसी भी वस्तु को सममित सिद्ध करने के लिए उसे बीच से "फोल्ड" करने की कल्पना करें।
सामान्य गलतियाँ
छात्र अक्सर विषमबाहु त्रिभुज को सममित मान लेते हैं, जबकि उसकी भुजाएं असमान होने के कारण वह सममित नहीं होता।
अभ्यास प्रश्न
आसान प्रश्न (Easy)
- क्या अक्षर 'M' सममित है?
- सममित आकृति को दो बराबर भागों में बांटने वाली रेखा को क्या कहते हैं?
- अंक 0 सममित है या असममित?
मध्यम प्रश्न (Medium)
- किन्हीं दो ऐसे अंकों के नाम लिखिए जो सममित हो सकते हैं।
- अक्षर 'S' सममित क्यों नहीं है? कारण स्पष्ट करें।
- एक आयत (Rectangle) में कितनी सममिति रेखाएँ होती हैं?
कठिन प्रश्न (Hard)
- यदि किसी आकृति को मोड़ने पर उसके भाग तंतोतंत नहीं जुड़ते, तो उसे क्या कहा जाएगा?
- क्या सभी ज्यामितीय आकृतियाँ सममित होती हैं? उदाहरण सहित समझाएं।
- अंक 3 में सममिति की रेखा क्षैतिज (Horizontal) होगी या लंबवत (Vertical)?
सारांश
सममिति वह गुण है जहाँ एक आकृति के दो भाग एक जैसे होते हैं। सममित अंक: 0, 3, 8। सममित अक्षर: A, B, C।
