बीजगणित में 'सर्वसमिका' (Identity) एक ऐसा समीकरण है जो चरों के किसी भी मान के लिए हमेशा सही होता है। सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला सूत्र (a + b)2 = a2 + 2ab + b2 है। इसका उपयोग मुख्य रूप से बड़ी संख्याओं का वर्ग (Square) आसानी से निकालने और जटिल बीजगणितीय व्यंजकों को सरल बनाने के लिए किया जाता है। यह इंजीनियरिंग और भौतिक विज्ञान में गणनाओं को तेज करने के लिए अनिवार्य है।
जब हम (a + b) का गुणा (a + b) से करते हैं, तो हमें एक निश्चित पैटर्न मिलता है। इसे रटने के बजाय यदि हम चित्र के माध्यम से समझें, तो यह लंबे समय तक याद रहता है।
सर्वसमिका वह समानता है जो सभी मानों के लिए सत्य है। मुख्य सूत्र: (a + b)2 = a2 + 2ab + b2.
1. **निकटतम शून्य:** 97 के लिए (100 - 3)2 का उपयोग करें।
2. **दो गुना नियम:** 2ab निकालते समय हमेशा दोनों पदों के गुणनफल को दोगुना करना न भूलें।
1. **पद भूलना:** (a+b)2 को a2 + b2 लिखना। बीच का 2ab पद बहुत जरूरी है।
2. **कोष्ठक (Bracket) की गलती:** (2x)2 को 2x2 लिखना, जबकि यह 4x2 होना चाहिए।
सर्वसमिका (a+b)2 = a2 + 2ab + b2 गणित की बुनियाद है। यह न केवल परीक्षा में अंक दिलाती है, बल्कि दैनिक जीवन की गणनाओं को भी बहुत आसान बना देती है।