
संख्या पद्धति में योगात्मक और गुणात्मक प्रतिलोम का विशेष महत्व है। ये हमें गणनाओं को सरल बनाने और समीकरणों को हल करने में मदद करते हैं।
योगात्मक प्रतिलोम वह संख्या है जिसे किसी संख्या में जोड़ने पर उत्तर 0 आए। गुणात्मक प्रतिलोम वह संख्या है जिससे गुणा करने पर उत्तर 1 आए।
किसी संख्या a का योगात्मक प्रतिलोम -a होता है और गुणात्मक प्रतिलोम 1/a होता है।
योगात्मक प्रतिलोम के लिए बस 'निशान' बदलें। गुणात्मक प्रतिलोम के लिए संख्या को 'पलट' दें।
याद रखें: x का योगात्मक प्रतिलोम -x है, और गुणात्मक प्रतिलोम 1/x है। दोनों का गुणा हमेशा -1 आएगा (यदि x धनात्मक है)।
याद रखें: बॉर्डर (equal sign) पार करते ही दोस्ती दुश्मनी में बदल जाती है! प्लस माइनस बन जाता है और गुणा भाग बन जाता है।
छात्र अक्सर गुणात्मक प्रतिलोम निकालते समय चिन्ह (Sign) बदलना भूल जाते हैं। याद रखें, गुणात्मक प्रतिलोम में चिन्ह नहीं बदलता।
मिश्रित भिन्न (Mixed Fraction) को सीधे पलटना गलत है। पहले उसे अनुचित भिन्न (Improper Fraction) में बदलें।
2x = 10 में छात्र अक्सर 2 घटा देते हैं। यहाँ 2 गुणा में है, इसलिए भाग (गुणात्मक प्रतिलोम) करना चाहिए, घटाना नहीं।
योगात्मक प्रतिलोम शून्य (0) देता है। गुणात्मक प्रतिलोम एक (1) देता है। शून्य का कोई गुणात्मक प्रतिलोम नहीं होता क्योंकि किसी भी संख्या को 0 से भाग नहीं दिया जा सकता।
योगात्मक प्रतिलोम संख्या का 'विपरीत' है। गुणात्मक प्रतिलोम संख्या का 'व्युत्क्रम' है। परीक्षा में शून्य और एक पर विशेष ध्यान दें।
प्रतिलोम संक्रियाएँ समीकरणों को सुलझाने की कुंजी हैं। जोड़ का प्रतिलोम घटाव है और गुणा का प्रतिलोम भाग है।