भाग का अर्थ है किसी संख्या को बराबर हिस्सों में बाँटना। यह गुणा की विपरीत प्रक्रिया है। जब हमें किसी बड़ी संख्या को छोटे बराबर समूहों में बाँटना होता है, तब हम भाग का प्रयोग करते हैं।
भाग के मुख्य चार भाग होते हैं:
| पद | व्याख्या |
|---|---|
| भाज्य | वह संख्या जिसे भाग दिया जाना है। |
| भाजक | वह संख्या जिससे भाग दिया जाता है। |
| भागफल | भाग करने के बाद प्राप्त उत्तर। |
| शेषफल | भाग देने के बाद बची हुई संख्या। |
शाब्दिक समस्याओं को हल करते समय दी गई जानकारी को ध्यान से पढ़ें। यदि प्रश्न में 'बराबर बाँटना' या 'प्रत्येक का हिस्सा' पूछा जाए, तो भाग की क्रिया करें।
किसी भी संख्या को 1 से भाग देने पर उत्तर वही संख्या आती है। शून्य को किसी भी संख्या से भाग देने पर उत्तर हमेशा शून्य आता है।
पहाड़े (Tables): अक्सर छात्र पहाड़े याद न होने के कारण गलत भागफल लिख देते हैं। भाग के लिए कम से कम 30 तक के पहाड़े याद होने चाहिए।
भाग संक्रिया में भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल का नियम हमेशा लागू होता है। शाब्दिक उदाहरणों में प्रश्न के अर्थ को समझना सबसे महत्वपूर्ण है।