सांकेतिक भाषा में अक्षर, अंक और आकृतियों का उपयोग करके जानकारी को छिपाया जाता है। इस विषय में हर अक्षर को एक अंक और हर अंक को एक आकृति से जोड़ा जाता है। इस प्रकार का कोड जटिल और रोचक होता है। छात्रों को पैटर्न पहचानना और संबंध समझना जरूरी होता है। यह विषय तार्किक सोच, विश्लेषण क्षमता और समस्या समाधान कौशल को मजबूत बनाता है। नियमित अभ्यास से छात्र तेजी से कोड समझ सकते हैं और सही उत्तर दे सकते हैं।
इसमें पहले अक्षर को अंक में बदला जाता है और फिर अंक को आकृति में बदला जाता है। जैसे A = 1 = ○। प्रश्न हल करते समय चरणबद्ध तरीके से सोचें। पहले अक्षर पहचानें, फिर अंक और अंत में आकृति मिलाएं।
इस प्रकार में तीन स्तर का कोड होता है। अक्षर से अंक और अंक से आकृति का संबंध समझना जरूरी है।
पहले अक्षर से अंक और फिर अंक से आकृति का संबंध समझें।
बिना चरणों को समझे सीधे उत्तर निकालना गलत होता है।
सांकेतिक भाषा में अक्षर, अंक और आकृतियों का संयोजन होता है। सही पैटर्न समझना ही सफलता की कुंजी है।