मराठी भाषेत शब्दांचा साठा मोठा आहे. हे शब्द शोधण्यासाठी किंवा त्यांची मांडणी करण्यासाठी आपण 'वर्णमाला' (अक्षरमाला) वापरतो. शब्दांना अ, आ, इ किंवा क, ख, ग या क्रमाने लावणे म्हणजे वर्णानुक्रमे शब्दक्रम लावणे होय.
शब्दक्रम लावताना सर्वात आधी शब्दाचे पहिले अक्षर पाहावे लागते. जर पहिले अक्षर समान असेल, तर दुसऱ्या अक्षराचा विचार करावा लागतो. ही प्रक्रिया डिक्शनरी (शब्दकोश) मध्ये शब्द शोधण्यासाठी अत्यंत उपयोगी ठरते.
| अ | आ | इ | ई | उ |
| ऊ | ऋ | ए | ऐ | ओ |
| औ | अं | अः | ॲ | ऑ |
| वर्ग | व्यंजने | ||||
|---|---|---|---|---|---|
| क वर्ग | क | ख | ग | घ | ङ |
| च वर्ग | च | छ | ज | झ | ञ |
| ट वर्ग | ट | ठ | ड | ढ | ण |
| त वर्ग | त | थ | द | ध | न |
| प वर्ग | प | फ | ब | भ | म |
| अर्धस्वर | य | र | ल | व | |
| उष्मे/महाप्राण | श | ष | स | ह | ळ |
| संयुक्त | क्ष | ज्ञ | |||
मराठी वर्णमालेनुसार प्रथम स्वर (अ, आ...) आणि त्यानंतर व्यंजने (क, ख, ग...) येतात. बाराखडीचा क्रम देखील यामध्ये महत्त्वाचा असतो.
शब्दांची पहिली अक्षरे वेगळी असतील तर फक्त वर्णमालेचा क्रम आठवा. जर पहिली अक्षरे 'क, का, कि, की' अशा बाराखडीतील असतील, तर बाराखडीचा क्रम वापरा.
विद्यार्थी अनेकदा स्वरांकडे दुर्लक्ष करून थेट व्यंजनांपासून सुरुवात करतात. नेहमी लक्षात ठेवा की 'अ' पासून सुरू होणारे शब्द 'क' च्या आधी येतात.
वर्णानुक्रमे शब्दक्रम लावल्यामुळे शब्दकोश वापरणे सोपे जाते. यासाठी मराठी वर्णमाला आणि बाराखडी तोंडपाठ असणे आवश्यक आहे.