वर्गीकरण का अर्थ है दी गई वस्तुओं या संख्याओं में से समान गुणों वाले समूह को पहचानना और उस समूह से अलग घटक को चुनना। इसे अक्सर 'विषम पद पहचानना' भी कहा जाता है।
गणितीय वर्गीकरण में संख्याओं के बीच संबंध जैसे कि विभाज्यता, वर्ग, घन और अंकों की व्यवस्था का विश्लेषण किया जाता है।
इसमें सम, विषम, अभाज्य संख्याएँ और विशिष्ट संख्याओं से विभाजित होने वाली संख्याओं का अध्ययन शामिल है।
बड़ी संख्याओं के लिए अंकों का योग या गुणनफल नियम बहुत उपयोगी होता है। विभाज्यता की जाँच के लिए 2, 3, 5, 7 और 11 की कसौटियाँ याद रखें।
अक्सर छात्र केवल पहली दो संख्याओं को देखकर नियम बना लेते हैं। हमेशा सुनिश्चित करें कि नियम कम से कम तीन विकल्पों पर लागू हो।
वर्गीकरण का अभ्यास करने से तार्किक क्षमता बढ़ती है। मुख्य रूप से पहाड़े और अभाज्य संख्याओं पर ध्यान दें।